लेटे हनुमान जी के महा स्नान के बाद पुनः शुरू हुआ भक्तों का दर्शन पूजन.,

113

प्रयागराज: प्रयागराज धर्म और आस्था संस्कृति की नगरी प्रयागराज संगम तट पर लेटे हनुमान जी का मां गंगा के द्वारा महा स्नान के बाद पुनः शुरू हुआ भक्तों का दर्शन पूजन अर्चन।

आपको बता दें 2 महीनों के अंदर गंगा और यमुना का जल स्तर भारी मात्रा में बढ़ने पर मां गंगा ने संगम तट पर लेटे हनुमान जी को अपने जल से दो बार स्नान कराया।  संगम नगरी में बंधवा लेटे हनुमान जी के प्राचीन मंदिर से बाढ़ का पानी खत्म होने के बाद भक्तों को अंजनी पुत्र के दर्शन प्राप्त होने शुरू हो गए।  प्रयागराज वासियों और महंतों की यह मान्यता है कि हर वर्ष मां गंगा अपने जल से हनुमानजी को स्नान कराती हैं।  और हर वर्ष 8 से 10 दिन तक जल शयन रहता है। और इस बार तो महीनों जल शयन में रहे। इस वर्ष मेघराज और इंद्र की कृपा से वर्षा ऋतु मैं पवन पुत्र हनुमान जी ने दो बार स्नान किया।  जिसको संत महात्मा जनकल्याणकारी मान रहे हैं।  साधु संतों का कहना है।  यह भारतवर्ष के लिए शुभ संकेत है।  शनिवार को बाढ़ का पानी लेटे हनुमान जी के मंदिर से खत्म होने के बाद लेटे हनुमान जी जल शयन से बाहर आए।  तो मंदिर की साफ सफाई होने का कार्य शुरू हुआ साफ सफाई करने में 2 दिन लग गए।  इसके बाद सोमवार को लेटे हनुमान जी की पूजन की तैयारी हुई।  सोमवार शाम को अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी की मौजूदगी में हनुमान जी का भव्य श्रृंगार हुआ।  फिर वेद पाठी ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती हुई।

  इस आरती के दौरान प्रयागराज न्यायमूर्ति विनीत सरन (सपरिवार) डीआईजी जी कविंद्र प्रताप सिंह प्रयागराज जिला अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव और प्रयागराज मंडल के अन्य अधिकारी व शहर के गणमान्य भक्त और संत महात्मा भारी संख्या में मौजूद रहे । लेटे हनुमान जी का भव्य श्रृंगार का सभी ने दर्शन किए पूजा अर्चना आरती वंदना की और जनकल्याण के लिए लेटे हनुमान जी से प्रार्थना की[ ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज]