इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के सरकार की तीन अधिसूचनाओं पर लगाई रोक

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प्रयागराज: प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओबीसी की 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर रोक लगा दी| इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले से उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा झटका लगा है| हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले को गलत मानते हुए| प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज कुमार सिंह ने व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है| हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि क्रेंद्र व राज्य सरकारों को बदलाव का अधिकार नहीं है| केवल संसद ही एससी/ एसटी जाति में बदलाव कर सकती है सामाजिक कार्यकर्ता गोरख प्रसाद ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के खिलाफ  हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिस पर सोमवार को जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजीव मिश्रा की डिवीजन बेंच में सुनवाई की गई| इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के योगी आदित्यनाथ से और पूर्ववर्ती सरकार की 3 अधिसूचना पर रोक लगा दी है |और राज्य सरकार से 3 हफ्ते में जवाब मांगा है| हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार कानून बनाकर किसी जाति  को अनुसूचित जाति राष्ट्रपति की अधिसूचना से घोषित कर सकती है राज्य सरकार को यह अधिकार नहीं है| कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले को गलत मानते हुए कहा कि क्रेंद्र और राज्य सरकार को इसका संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है|[रिपोर्ट संजय गुप्ता]

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