बुन्देलखण्ड में लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाय – मंत्री श्री सत्यदेव पचौरी

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चित्रकूट@ मंत्री खादी एवं ग्रामोद्योग,रेशम, हथकरघा, एवं वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन, उ0प्र0 श्री सत्यदेव पचौरी जी दिन रविवार को निरीक्षण भवन लोक निर्माण विभाग कर्वी में मण्डल स्तरीय विभागीय अधिकारियो के साथ विभागो मे चल रही योजनाओ की चित्रकूट मण्डल के जिले वार समीक्षा की। जिसमे पाया कि प्रधान मंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत बांदा मे 67,चित्रकूट में 87,महोबा मे 78, हमीरपुर मे 67 आवेदन पत्र प्राप्त हुये है जिसके सापेक्ष बैको द्वारा अभी तक कुल 13 आवेदन स्वीकृति किये है।

उन्होंने गठित समितियों की जानकारी लेते हुए कहा कि जो समितियां चल रही हैं उनका निरीक्षण किया जाये तथा सूची बनाकर उपलब्ध करायी जाय। उन्होंने चित्रकूट में इलाहाबाद बैंक द्वारा अभी तक स्वीकृत आवेदनों की जानकारी ली गई ,के संबंध में जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि एक आवेदन 3 लाख, एक आवेदन 2 लाख,एक 5 लाख का एवं एक आवेदन 1 लाख कुल 11 लाख के आवेदन स्वीकृत किये गये। इसी प्रकार महोबा में 08 लाख का स्वीकृत किया गया है।

मंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड में लघु उद्योगों की बड़ी संभावनाएं है। जैसे लिज्जत पापड़, मोमबत्ती, अगरबत्ती, लकड़ी के खिलौने, पत्थर /मिट्टी की मूर्ति,नक्काशी,हस्तशिल्प आदि उद्योगों को बढ़ावा दिया जाय ताकि यहां के युवक/युवतियों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादन में छूट मिलेगी। परन्तु बिक्री में छूट मिलेगी।
अधिकारियों को निर्देश दिये कि आप अपने विभागों की योजनाओं को धरातल पर उतारें और मिशन के रूप में काम करके इन योजनाओं को लोगों के भलाई के लिए गांव के दूरस्थ एरिया तक पहुॅंचाने का काम करें। उद्योग बन्धु की बैठकों में जन प्रतिनिधियों को भी बुलाया जाय तथा जो वयापार मण्डल की बहुत पुरानी सूची बनी है उसको नवीनतम करते हुए व्यापारियों को शामिल किया जाय।

रेशम उद्योग के तहत जो कीट पालन का कार्य होता है उसमें किसानों को शामिल किया जाय।उन्हें कीट पालन का प्रशिक्षण दिया जाय। ताकि वह स्वयं अपने यहां कीट पालन कर सकें। ओर इस योजना का लाभ ले सकें। जो भी कार्य करें जन प्रतिनिधियों से बात करने के उपरान्त करें। योजनाओं के पम्पलेट छपवाकर प्रचार-प्रसार करायें। कृषकों के लिए नवीनतम योजनाएं तैयार करें ताकि किसान उन्नतशील हो सकें। तभी देश एवं प्रदेश और आगे बढ़ सकेगा।
कार्य में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया गया कि अगर मण्डल के प्रत्येक जिले में एक-एक लिपिक दे दिये जायें तो कार्य करने में आसान होगा।

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