यूपी के अमेठी में मिशन इंद्रधनुष के तहत लक्ष्य से अधिक हुआ टीकाकरण

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देशवासियों के लिए बेहतर, किफ़ायती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाओं को साकार रूप दिया है. बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष इसी तरह का एक क़दम है. किसी देश की तरक्की मापने के पैमानों में उसके स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती अहम स्थान रखती है. देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई रफ़्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े क़दम उठाए हैं, जिनमें से एक है मिशन इंद्रधनुष.

देश के भविष्य यानि नौनिहालों के टीकाकरण के इस कार्यक्रम के तहत उन सभी बच्चों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो या तो टीकाकरण से वंचित रह गए हैं या फिर जिन्हें पूरे टीके नहीं लगे हैं. इसके तहत दो वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है और उन्हें खांसी, पीलिया, पोलियो, खसरा, दिमागी बुखार जैसी बीमारियों से बचाया जा सके.

कार्यक्रम के तहत टीकाकरण की व्यवस्था गांवों में ही की जा रही है, ताकि लोगों को इसके लिए दूर न जाना पड़े. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के 20 गांवों में 1,504 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था. जबकि 1,584 बच्चों का टीकाकरण किया गया.

वहीं महिलाओं के टीकाकरण में 408 के लक्ष्य से आगे निकलते हुए 438 महिलाओं का टीकाकण किया जा चुका है, यानि काम की रफ़्तार और लोगों की भागीदारी ने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। मिशन इंद्रधनुष के चार चरण पूरे हो चुके हैं. 3 करोड़ से ज्यादा बच्चों को मुफ्त टीके लगाए जा चुके हैं, जबकि 80 लाख से ज्यादा गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है.

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